
वीना विग एडिटर की रिपोर्ट 
15 अगस्त 1947 को देश आजाद हुआ 1950 में संविधान लागू हुआ 1952 के प्रथम आम चुनाव के साथ ही तभी से परंपरा चल रही है लाल किले पर देश की आण बाण शान देश में सभी सुरक्षित रहे प्रधानमंत्री द्वारा लाल किले से देश की जनता का जब चिंतन हो तब कोई दिल से सभी का उपकार हो तब दिल की बात कोई निकलती है स्वतंत्रता के बाद देश में कांग्रेस का लंबे अरसे से शासन रहा कांग्रेस के प्रधानमंत्री यो द्वारा कई बार लाल किले से संबोधन हुआ जब देश की जनता के साथ कुठाराघात हो जब शासन करना ही सही मनसा नहीं हो तब कोई सही बात दिल से निकल कर नहीं आती उस समय देश की जनता को छल कपट के अलावा कुछ नहीं मिला श्री अटल बिहारी वाजपेई ने गठबंधन के सहारे अपनी सरकार चलाई लेकिन शासन में सही मनसा होना उन्होंने धरातल को मजबूत किया और उन्होंने अपने शासन में लाल किले से यही कहा हमने हर मापदंड को तय करके देश के विकास में ऐसी रेखाएं खींची है जो काल के कपाल पर अमिट रहेगी उसके बाद कांग्रेस का 10 साल का शासन भ्रष्टाचार की जड़े मजबूत करने का काम किया देशहित में कोई निर्णय नहीं हो सके देश की गरीब जनता के साथ छल कपट किया केवल लाल किले पर झंडा फहराना कांग्रेस के प्रधानमंत्रीयो का उद्देश्य रहा देश हित में उनका कोई चिंतन नहीं था
2014 में श्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्रीय राजनीति में प्रदार्पण हुआ पिछले 12 साल से प्रधानमंत्री के रूप में नहीं एक प्रधान सेवक के रूप में लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधन किया जब बचपन में kasto को देखा हो कितना मुश्किल समय था गरीबी क्या होती है फूक फुक्कर धरातल पर कदम पड़े हो जब गरीब का कोई सहारा नहीं हो वहीं प्रधानमंत्री जब लाल किले की प्राचीर से बोल रहा हो तब जब काटो के जख्म हो तब उस व्यक्ति को एहसास भी होता है तब दिल से बोलना पड़ता है चांदी की चम्मच लेकर पैदा होने वाले इस देश की गरीबी को क्या जाने
जब पिछले 11 वर्षों से धरातल पर हम मजबूत हो चुके हैं तब 2026 का संबोधन लाल किले से मायने रखेगा देश को लोगों के जीवन सुरक्षित हो हमें विश्वास है प्रधानमंत्री इस देश के गरीब वंचित उपेक्षित देश में आदि समाज की अपेक्षा को ध्यान में रखते हुए उनका भविष्य मजबूत रहे उनके संबोधन में देखने को मिलेगा



















