
संदीप सबरवल ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुई कार्रवाई के विरोध में आजमगढ़ में मंगलवार को 500 से अधिक छात्र-छात्राएं कलेक्ट्रेट पहुंचे। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति न होने का हवाला देकर छात्रों को वहां से हटाया और बाद में वे आंबेडकर पार्क पहुंचे। करीब चार घंटे तक पुलिस और छात्रों के बीच गतिरोध चलता रहा। इस दौरान 50 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया।
❓ सवाल यह है—क्या छात्रों की आवाज सुनने के बजाय उन्हें रोकना और हिरासत में लेना ही समाधान है?
अगर अनुमति नहीं थी, तो प्रशासन और छात्रों के बीच संवाद से रास्ता क्यों नहीं निकाला



















