
आरती ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट *पैदल पुराण :-पैदल चलें :पैदल चलते रहें :—-*
१–पैदल चलनें से मानसिक संतुलन ठीक रहता है।
२– पैदल चलनें से नींद अच्छी आती है।
३– पैदल चलने से शुगर कंट्रोल होती है।
४– पैदल चलनें से चिड़चिड़ापन कम होता है।
५– पैदल चलनें से मोटापा नियंत्रित रहता है।
६– पैदल चलनें से फेफडे मजबूत होते हैं।
७– पैदल चलनें से हार्ट सही कार्य करता है।
८– पैदल चलनें से भोजन पचता है।
९– पैदल चलनें से गैस नहीं बनती।
१०– पैदल चलनें से थकान दूर होती है।
११– पैदल चलनें से खून शुद्ध होता है।
१२– पैदल चलनें से बुद्धि तेज होती है।
१३– पैदल चलनें से हड्डियां मजबूत होती है।
१४– पैदल चलनें से आत्मविश्वास बढता है।
१५– पैदल चलनें से बल बढता है।
१६– पैदल चलनें से त्वचा रोग नहीं होते।
१७– पैदल चलनें से वात – पित- कफ नियंत्रण में रहते हैं।
१८– भोजन के पश्चात् नित्य ३०० कदम पैदल चलने से पेट के रोग नहीं होते और मनुष्य की आयु बढ़ती है!
१९– पैदल पत्थरों पर नंगे पांव चलने से शरीर में रक्त सुचारू रूप से संतुलित होता है!
२०– पैरों के तलवे में रक्त को परिसंचरण करने के लिए सूक्ष्म पम्प होते हैं जिससे रक्त शरीर के हर अंग में जाता है!
२१– सूर्य के प्रकाश में नित्य एक घंटा पैदल चलने से डाइबिटीज नहीं होती!
२२– ऋषि- मुनियों का सबसे बड़ा योग था पैदल चलना!
२३– श्रीराम १४ वर्ष लक्ष्मण के साथ वनों में पैदल घूमें!
२४– पांडव जीवन पर्यन्त पैदल चलकर अनेक सिद्धियां प्राप्त करते रहे!
२५– पैदल चलें खूब चलें और रात्रि को पैरों की मालिश अवश्य करें!
२६– पैदल चलने वालों की इच्छा शक्ति बलवती होती है!
२७– पैर ईश्वर ने पैदल चलने के लिए ही दिए हैं!
२८– पैदल चलते रहने से सभी जंगली जीव अनेक रोगों से बचे रहते हैं!
२९– पक्षियों के पूरे शरीर में जो महत्व पंखों का है, वहीं पैरों का महत्व शरीर के लिए है!
३०– पैदल चलने से शरीर गर्म रहता है!
३१– पैदल चलते रहने से बहुत से लोग बड़े बड़े विचारक और दार्शनिक बन गये!
३२– पैदल चलना ही जीवन है!
पैदल चलें चलते रहें



















