
संदीप सबरवल ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट
अयोध्या तीर्थस्थल है मगर वहां का माहौल हमेशा खुशहाल नहीं रहता। यह वही अयोध्या है जहां माता सीता के चरित्र पर आरोप लगाया गया था और उन्हें दो दो बार वनवास हुआ था,,,चंपत राय तो बहुत साधारण आदमी है,,भगवान श्री राम की सेवा कर उन्होंने बहुत बड़ा गुनाह किया है उन्हें सजा मिलनी चाहिए।
आज उन्होंने श्री राम सेवा ट्रस्ट से इस्तीफा दे दिया है। जीवन के 35 साल उन्होंने श्री मंदिर को दिया,उन्होंने नौकरी छोड़ी,शादी नहीं की और अविवाहित रहे। श्री राम मंदिर के निर्माण से पहले एक टीले पर बने छोटी सी कुटिया में जीवन यापन कर रहे थे। यह वही अयोध्या है जहां श्री राम मंदिर बनवाने वाले को हर कर कार सेवकों को गोली मारने वालों जिताया था, आज चंपत राय जी के साथ अयोध्या में कोई खड़ा नहीं है और वे जिनपर विश्वास किया वे माया के वश में आकर उनकी तपस्या को खंडित कर दिया..!



















