
अतुल ब्यूरो चीफ की ररपोर्ट
क्या खान सर द्वारा अंजना ओम कश्यप के लिए अमर्यादित भाषा का प्रयोग सही है?
साथियों, मैं किसी राजनीतिक दल से जुड़ी हुई नहीं हूं।
मैं एक टीचर हूं।
हाल ही में अंजना ओम कश्यप द्वारा ऑनलाइन शिक्षकों को लेकर दिए गए विवादित बयान पर सोशल मीडिया में काफी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
कई लोगों ने इसे शिक्षकों के सम्मान के खिलाफ बताया
लेकिन अपने बयान में अंजना, ओमकश्यप ने किसी के लिए अमर्यादित भाषा का प्रयोग नहीं किया था और ना ही किसी कोचिंग संस्थान का नाम लिया और ना ही किसी कोचिंग चलाने वाले का।
लेकिन अंजना ओमकश्यप के बयान पर खान सर बहुत ज्यादा भड़क गए और उन्होंने अंजनाजी के लिए बहुत ही गलत शब्दों का प्रयोग किया।..
जैसे कि विष कन्या तलवा, चाटने वाली आदि आदि… अमर्यादित शब्दों से एक महिला का मजाक उड़ाया।
बहुत शर्म आई जब एक शिक्षक ने एक महिला के लिए इतने अभद्र शब्दों का प्रयोग किया।
मैं न तो अंजना जी से जुड़ी हुई हूं और ना ही खान सर से।
यदि खान सर सचमुच दिल और दिमाग दोनों से शिक्षक हैं, तो
वह किसी महिला के लिए इस प्रकार की टिप्पणी कर ही नहीं सकते हैं।
क्योंकि एक टीचर केवल किताबें ही नहीं पढ़ाता है बल्कि समाज की सोच निर्धारित करता है।
उन्होंने जिस प्रकार के
अभद्र शब्दों का प्रयोग किया उससे शिक्षा और संस्कारों का भी अपमान होता है।
मतभेद चाहे कितने भी हों पर शब्दों की मर्यादा बनी रहनी चाहिए।
क्योंकि शब्द केवल आवाज नहीं होते, वे समाज और संस्कार का आईना भी होते हैं।



















