
रश्मी शर्मा ब्यूरो चीफ की कलम से 43 साल की उम्र में मां बनी महिला, लेकिन समाज के डर ने मानवता को ही कचरे में फेंक दिया!
गुजरात के सूरत से आई यह खबर कई सवाल छोड़ जाती है। एक महिला ने नवजात शिशु को प्लास्टिक की थैली में डालकर कचरे के ढेर में फेंक दिया। मामले का खुलासा तब हुआ जब आवारा कुत्ते उस थैली को सड़क तक खींच लाए और सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना कैद हो गई।
पूछताछ में महिला ने बताया कि उसके पहले से दो बड़े बच्चे हैं और इस उम्र में गर्भवती होने पर उसे समाज की बदनामी का डर था। सवाल यह है कि आखिर ऐसा कैसा समाज है, जहां लोग मदद से ज्यादा तानों से डरते हैं? और ऐसा कैसा डर, जो एक मासूम की जिंदगी पर भारी पड़ जाए?
इस घटना में कानून अपना काम करेगा, लेकिन समाज को भी आईना देखने की जरूरत है। क्योंकि कई बार अपराधी सिर्फ व्यक्ति नहीं होता, वह सोच भी होती है जो लोगों को सच छिपाने और गलत कदम उठाने पर मजबूर कर देती है।
एक मासूम ने दुनिया में आंखें खोलने से पहले ही दुनिया की सबसे बड़ी सच्चाई देख ली—



















