
सुशील शंकर विग एडिटर इन चीफ की रिपोर्ट जयपुर की सड़कों पर ट्रैफिक जाम, वायु और ध्वनि प्रदूषण और रोड एक्सीडेंट्स रोकने के लिए सरकार कई तरह के प्रयास गत कई वर्षों से कर रही है। हर बार ट्रैफिक पुलिस ,जेडीए और रोडवेज अधिकारियों की मीटिंग्स में इन पर काबू पाने की कोशिश भी की जाती रही है लेकिन यह सभी प्रयास अभी तक पूर्णतः असफल साबित हुए है यही नहीं बल्कि स्थिति पहले से ज्यादा गंभीर हो चुकी है। जयपुर की सड़कों को खून से लाल करने के लिए रोडवेज और निजी बसों का कहर और योगदान सबसे ज्यादा है लेकिन हैरानी और दुखद है कि अभी तक इन्हें शहर से बाहर करने के प्रयास नहीं किए गए हां! केवल मीटिंग्स कर योजनाएं बना कर मीडिया को जानकारी देने तक सीमित रहे जिन्हें धरातल पर कभी नहीं उतारा गया।। हैलो जयपुर का राज्य सरकार से आग्रह है कि जयपुर में सिंधी कैंप बस अड्डे पर चारों दिशाओं से आने वाली 3000 से ज्यादा बसों को शहर से बाहर ही रोक कर वहीं सेटेलाइट बस स्टैंड बना देने चाहिए ताकि शहर की सड़कों पर इन बसों के ट्रैफिक का दबाव कम हो, अगर इन 3000बसों का प्रवेश रुक जाए तो जयपुर वासियों की जिंदगी बेहद सुरक्षित और सुविधाजनक बन जाएगी जो कि हमारे शहर को स्मार्टसिटी बनाने के लिए जरूरी भी है।



















