
संदीप सबरवल ब्यूरो चीफ हरद्वार की रिपोर्ट मध्य प्रदेश के सरकारी सिस्टम में एक ऐसा फर्जीवाड़ा सामने आया है जिसे सुनकर आप दंग रह जाएंगे। एक ही एमबीबीएस डिग्री और एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर पर दो अलग-अलग डॉक्टर पिछले 15 सालों से सरकारी नौकरी कर रहे हैं, करोड़ों की सैलरी उठा रहे हैं और मरीजों का इलाज भी कर रहे हैं।
बालाघाट vs देवास: कौन असली, कौन फर्जी?
भास्कर की पड़ताल में परत-दर-परत इस साजिश का खुलासा हुआ है:
• असली डॉक्टर (देवास): देवास में पदस्थ डॉ. सुनील कुमार के पास ओरिजिनल डिग्री और परमानेंट रजिस्ट्रेशन (नंबर 2909) है। वे मुरैना के रहने वाले हैं और उन्होंने कभी अपने नाम के साथ ‘सिंह’ नहीं लगाया।
• संदिग्ध डॉक्टर (बालाघाट): बिरसा (बालाघाट) के बीएमओ डॉ. सुनील कुमार सिंह की स्थिति बेहद संदिग्ध है। जांच में पता चला कि विभाग के पास उनका केवल प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन है, परमानेंट नहीं। उनके गृह जिले के दस्तावेजों में भी भारी हेराफेरी मिली है।
ऐसे खुला फर्जीवाड़े का राज
जब देवास वाले डॉक्टर को बालाघाट वाले डॉक्टर की डिग्री की कॉपी दिखाई गई, तो उन्होंने पुष्टि की कि यह उनकी ही डिग्री की फोटोकॉपी है। मध्य प्रदेश मेडिकल काउंसिल के रिकॉर्ड ने भी साफ कर दिया कि परमानेंट रजिस्ट्रेशन पर देवास वाले डॉक्टर की फोटो है, यानी बालाघाट में पदस्थ बीएमओ साहिब किसी और की पहचान पर डॉक्टर बने बैठे हैं।
करोड़ों की सैलरी और प्राइवेट प्रैक्टिस
चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले डेढ़ दशक से यह संदिग्ध डॉक्टर सरकारी अस्पतालों में पदस्थ है, बिना किसी बोर्ड के निजी क्लीनिक भी चला रहा है और विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी। अब शिकायत मिलने के बाद बालाघाट सीएमएचओ ने जांच की बात कही है।
💬 सरकारी सिस्टम और आपकी सेहत पर कुछ गंभीर सवाल (कमेंट में राय दें):
1. वेरिफिकेशन में चूक: जॉइनिंग के वक्त दस्तावेजों की बारीकी से जांच क्यों नहीं की गई? 15 साल तक विभाग सोता रहा या इसमें किसी बड़े अधिकारी की मिलीभगत है?
2. मरीजों की जान का जोखिम: अगर डॉक्टर की डिग्री ही फर्जी है, तो उसने इतने सालों में हजारों मरीजों को जो दवाइयां दीं, उसका जिम्मेदार कौन होगा?
3. कड़ी सजा की मांग: ऐसे जालसाजों के खिलाफ केवल सस्पेंशन काफी है या उनसे अब तक ली गई पूरी सैलरी की वसूली और जेल की सजा होनी चाहिए?
भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े के इस बड़े खुलासे को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि ‘सिस्टम’ जागे और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।



















