
अशोक ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट
आफताब अमीन पूनावाला — जिन्होंने श्रद्धा वालकर को 35 टुकड़ों में काटकर फ्रिज में रखा था को इन न्याय नौकर..ने जेल से बाहर आने की अनुमति दे दी गई है,
ताकि वह तिहाड़ जेल में अपनी एमए सोशियोलॉजी की परीक्षा दे सकें।
जबकि न्याय में देरी के चलते
ट्रायल 2023 से लंबित चल रहा है।
श्रद्धा के पिता, जिन्होंने न्याय के लिए लड़ाई लड़ी, 2025 में बिना न्याय देखे ही निधन हो गया,
आफताब उच्च शिक्षा हासिल कर रहे हैं।
केस का अभी कहीं कोई निष्कर्ष नहीं निकला है।
इन्हीं हरकतों के कारण कल हाईकोर्ट में अपशब्द भी कहे गए और आईना भी दिखाया गए
जल्द नहीं सुधारे तो ऐसा न हो कि
लोग बंगाल मॉडल न लागू करने लगे,
अपराधों की जड़ और बढ़ता अपराध न्यायपालिका का व्यवहार भी है…!



















