
संदीप सबरवल ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट शेफ केशव नेगी जो उत्तराखंड से पलायन कर अपने परिवार और बच्चों का पेट पालने के लिए दिल्ली आने को मजबूर हुए। उनका काम रसोई में खाना बनाना था। क्या उसका काम यह देखना था कि बिल्डिंग वैध है या अवैध? फायर NOC है या नहीं? एक ही एंट्री-एग्जिट क्यों है? रिहायशी इलाके में कमर्शियल गतिविधि कैसे चल रही है? अवैध निर्माण और अतिक्रमण कैसे हुआ?
अगर इतने बड़े स्तर पर नियमों की अनदेखी हुई, तो क्या इसकी जिम्मेदारी एक शेफ की है? जो मालिक हैं, जो जिम्मेदार अधिकारी हैं जिनकी शह पर ये सब होता रहा उनके खिलाफ एक्शन क्यों नहीं? शेफ की गलती क्या है?
उत्तराखंड के सांसदों और उत्तराखंड सरकार को भी इसमें संभवत: दखल देना चाहिए और शेफ केशव नेगी की रिहाई के लिए अपने स्तर पर कानूनी प्रावधानों के साथ मदद करनी चाहिए।



















