
कबाब-बिरयानी जैसे शब्दों का प्रयोग मांसाहारी भोजन के लिए किया जाता है। केटरर्स जो भी लिखे, उसे हमें भी एक बार मेन्यू तय करते समय अपने समाज एवं संस्कृति के हिसाब से देख भी लेना चाहिए। ज़्यादातर लोग बिना जानकारी के ही ऐसा कर लेते हैं। हम सब यदि सोच समझकर इस दिशा में आगे बढ़ेंगे, तो बदलाव लाया जा सकता है।
आप भी यदि नहीं जानते हैं तो जान लें –
बिरयानी का मतलब होता है सब्ज़ियों एवं माॅंस का मिश्रण
कवाब एक फ़ारसी शब्द है जिसका मतलब होता है पका हुआ माॅंस
और, कोरमा मतलब भुना हुआ माॅंस
अब आप खुद सोचें भारतीय व्यंजन के नाम के साथ इनको जोड़ना ठीक है…? जब इनका नाम ऐसा होगा तो हम किस मानसिकता का खाना खाते हैं ?
विरोध कीजिए ! अभी तो हमारी पकड़ में है, नयी पीढ़ी वेज भूल जाएगी और माॅंसाहारी बन जाएगी क्यूँकि हम उन्हें यही तो दे रहे हैं।
कैटरर्स को रोकिए ऐसे नाम देने से… होटल व रेस्टोरेंट में विरोध प्रकट कीजिए… आपकी एक छोटी सी पहल समाज को एक बड़ी कुरीति और अपसंस्कृति से बचाएगी… आप भी कीजिए,


















