
राश्मि शर्मा ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट
इस 6 साल की बच्ची नीना मानेस के टॉयलेट जाने की जिद और कैप्टन स्मित की बहादुरी ने बचा ली 174 लोगों की जान – फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में 30 सितंबर को अगर 6 साल की बच्ची नीना मानेस ने अपनी माँ ताली से टॉयलेट जाने को कहा, नीना की माँ जब नीना को लेकर आगे पहुँचीं, तो उन्हें कॉकपिट के अंदर से हाथापाई और चीखने-चिल्लाने की आवाज़ें सुनाई दीं और दरवाज़े के पास खून देखकर माँ ने तुरंत चिल्लाकर केबिन में मौजूद लोगों को बताया कि अंदर कैप्टन पर हमला हो रहा है।
आवाज़ सुनते ही नीना के पिता और अन्य यात्री कॉकपिट की तरफ दौड़े। दूसरी तरफ घायल कैप्टन स्मित ने अंदर से दरवाज़ा खोल दिया, जिससे यात्रियों ने अंदर जाकर हमलावर को काबू कर लिया और विमान सुरक्षित लैंड हुआ।
कह देते हैं के ऊपर वाला बचाने पे आए तो ऐसे इत्तेफाक भी होते हैं – एक मासूम बच्ची की ज़िद की वजह से 174 लोगों की जान बच सकी



















