
संदीप अरोरा ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट
सुखबीर सिंह बादल ने संगत से अपील की, उन्हें पूरे मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने का न्योता दिया
मार्च का मुख्य मकसद युवाओं को ड्रग्स और बुरी आदतों से दूर करके सिख धर्म से जोड़ना है
जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज्ज, SGPC प्रेसिडेंट हरजिंदर सिंह धामी समेत बड़ी संख्या में संगत शामिल हुई
अमृतसर: मीरी-पीरी दिवस के मौके पर गुरुवार को श्री अकाल तख्त साहिब से एक खास ‘मीरी-पीरी खालसा मार्च’ शुरू किया गया। इस धार्मिक और जागरूकता मार्च में सिंह साहिब जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज्ज, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के प्रेसिडेंट एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी, शिरोमणि अकाली दल के प्रेसिडेंट सुखबीर सिंह बादल, SGPC मेंबर, अकाली दल के नेता, वर्कर और बड़ी संख्या में सिख संगत शामिल हुई।
मार्च शुरू होने के मौके पर मीडिया से बात करते हुए शिरोमणि अकाली दल के प्रेसिडेंट सुखबीर सिंह बादल ने मीरी-पीरी डे के मौके पर पूरी सिख कम्युनिटी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह खालसा मार्च आज श्री अकाल तख्त साहिब से शुरू हुआ है, जिसका मकसद मीरी-पीरी का मैसेज पूरे पंजाब में घर-घर तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सिंह साहिब जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब ने पूरी कम्युनिटी को इस मार्च में शामिल होने का मैसेज दिया है।
सुखबीर सिंह बादल ने पूरी सिख कम्युनिटी से अपील की कि वे ज़्यादा से ज़्यादा संख्या में मार्च में शामिल हों और गुरु साहिब के मीरी-पीरी के सिद्धांतों को लोगों तक पहुंचाने में अपना योगदान दें। उन्होंने अपना भाषण “वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह” के नारों के साथ खत्म किया।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि मीरी-पीरी खालसा मार्च का मुख्य मकसद युवाओं को ड्रग्स और दूसरी बुरी आदतों से दूर रखना और उन्हें सिख रास्ते और गुरु साहिब की शिक्षाओं से जोड़ना है। इसके साथ ही, इस यात्रा का अहम मकसद श्री अकाल तख्त साहिब के दिए मीरी-पीरी के उसूलों को बड़े पैमाने पर फैलाना है।
SGPC के मुताबिक, यह मार्च 24 जुलाई को सुबह 10 बजे श्री अकाल तख्त साहिब से निकला था। यह यात्रा हॉल गेट, पुतलीघर, छेहरटा साहिब, अटारी समेत अलग-अलग पड़ावों से गुज़रेगी और पहले दिन गुरुद्वारा बाबा बुड्ढा साहिब जी, बीर ठठा में रात रुकेगी। इसके बाद यह मार्च श्री दरबार साहिब तरनतारन, गोइंदवाल साहिब, धर्मकोट (मोगा), वजीदपुर, फरीदकोट, जैतो, श्री मुक्तसर साहिब और बठिंडा से गुज़रेगा और 3 अगस्त को तख्त श्री दमदमा साहिब, तलवंडी साबो पहुंचकर खत्म होगा।
उन्होंने पूरी संगत से इस धार्मिक यात्रा में बड़ी संख्या में शामिल होने और सेवा, सफाई और लंगर जैसी सेवाओं में योगदान देने की भी अपील की।


















