
वीना विग एडिटर की रिपोर्ट
दिल्ली में CJP प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता के साथ हुई मारपीट के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद अब गाजियाबाद से एक नया विवाद सामने आया है।
निशु आजाद का दावा है कि गाजियाबाद स्थित जिस किराए के मकान में उनका परिवार रह रहा है, वहां के मकान मालिक ने उन्हें करीब 20 दिनों के भीतर घर खाली करने के लिए कहा है। निशु के मुताबिक, उनका परिवार हाल ही में इस मकान में शिफ्ट हुआ था और किराये का समझौता 11 महीने के लिए किया गया था।
निशु ने आरोप लगाया है कि मकान खाली करने के लिए मकान मालिक पर कथित तौर पर पुलिस की ओर से दबाव बनाया गया। उनका कहना है कि पुलिस की तरफ से मकान मालिक से उनके परिवार को लेकर सवाल किए गए और घर खाली कराने के लिए कहा गया।
हालांकि, पुलिस की ओर से इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, निशु के परिवार का कहना है कि मौजूदा विवाद और सुरक्षा को लेकर वे दूसरी जगह शिफ्ट होने पर भी विचार कर रहे हैं।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद निशु आजाद ने अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई थी। गाजियाबाद में उनके घर के बाहर कथित पथराव को लेकर भी विवाद हुआ। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है, जबकि पथराव के दावे को लेकर अलग-अलग पक्षों के बयान सामने आए हैं।
निशु ने हाल में पुलिस से जुड़ी एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सोशल मीडिया पर साझा की है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। दूसरी ओर, पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
फिलहाल, मकान खाली कराने, पुलिस के कथित दबाव और परिवार की सुरक्षा से जुड़े दावों को लेकर विवाद जारी है। मामले में पुलिस और अन्य संबंधित पक्षों की ओर से आगे आने वाली जानकारी महत्वपूर्ण होगी।


















