
सुशील शंकर विग एडिटर इन चीफ की रिपोर्ट
सात दिन तक जेल काटने के बाद सौरव दास और आशुतोष रांका को एसईएम कोर्ट के समक्ष पेश करने पर उन्होेंने लिखित आश्वासन देकर कहा कि वे आगे शांति भंग करने वाला कोई भी काम नहीं करेंगे।
न्यायपालिका और विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट न्यायालय पर उनका पूर्ण विश्वास है। जब तक कानून के अनुसार जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन को प्रतिबंधित करने वाला आदेश हटाया नहीं जाता, तब तक वे वहां प्रदर्शन के लिए कोई आह्वान नहीं करेंगे।
यदि भविष्य में कोई प्रदर्शन किया भी गया, तो वह पूरी तरह संविधान की सीमाओं के भीतर होगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह केवल हिरासत से रिहाई का आदेश है, मामला बंद नहीं हुआ है।
जांच कानून के अनुसार जारी रहेगी। दोनों आरोपितों और उनके जमानतदारों को अगली सुनवाई 23 अक्टूबर को दोपहर तीन बजे अनिवार्य रूप से अदालत के समक्ष उपस्थित होने को कहा गया है। साथ ही उन्हें कानून-व्यवस्था बनाए रखने और बांड की सभी शर्तों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है।



















