
संदीप डबरवलब्यूरो चीफ की रिपोर्ट
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस की हिरासत से रिहा कर दिया गया है। विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत ने शांति बनाए रखने के लिए बॉन्ड भरवाने के बाद उन्हें रिहा करने का आदेश दिया। कनॉट प्लेस में ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन का आह्वान करने के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें एहतियातन हिरासत में लिया था।
रिहाई के बाद दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने शाहरुख खान की फिल्म ‘वीर-जारा’ का एक सीन पोस्ट करते हुए लिखा कि बिना वाई-फाई और फोन के 24 घंटे जेल में बिताने के बाद बाहर आने पर कैसा महसूस होता है। फिल्म में शाहरुख खान का किरदार लंबे समय तक पाकिस्तानी जेल में रहने के बाद बाहर आता है।
दीपके को शुक्रवार को उस समय हिरासत में लिया गया था, जब वह कनॉट प्लेस पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, उनके खिलाफ शांति भंग करने की आशंका के चलते भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 126 और 170 के तहत कार्रवाई की गई। शनिवार को अदालत में पेश किए जाने के बाद उन्हें शर्तों के साथ रिहा कर दिया गया।
CJP के दो अन्य नेता सौरभ दास और आशुतोष रांका पहले से ही जेल में बंद हैं। उन पर भी शांति भंग करने के आरोप हैं। दीपके ने दोनों नेताओं के समर्थन में कनॉट प्लेस पर ‘लहरा दो तिरंगा’ अभियान का आह्वान किया था। हालांकि, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मौके पर पहुंचने से पहले ही हिरासत में लेना शुरू कर दिया, जिसके बाद प्रदर्शन नहीं हो सका।
दीपके और नेहा बोरा के समर्थन में देर रात तक विपक्षी नेताओं की ओर से सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाते रहे। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री रह चुकीं ममता बनर्जी और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने दीपके के समर्थन में खुलकर प्रतिक्रिया दी। वहीं, इंडिया ब्लॉक के अधिकांश नेताओं ने इस मामले में सीधे तौर पर उनका नाम लेकर समर्थन जताने से दूरी बनाए रखी।



















