
वीना विग एडिटर की कलम से
कुलदेवी माता सत्यवती की पावन चमत्कार कुछ समय पहले की बात है, एक बहुत ही अच्छी विग फैमिली है उस परिवार में सब कुछ अच्छा था—धन, दौलत, मान-सम्मान किसी भी चीज की कोई कमी नहीं थी। लेकिन उस परिवार के एक लड़के की शादी नहीं हो रही थी। लड़का उम्रदराज होने लगा था और लाख कोशिशों के बाद भी उसका रिश्ता कहीं तय नहीं हो पा रहा था। जहाँ भी बात चलती, आखिरी वक्त पर कोई न कोई अड़चन आ जाती और रिश्ता टूट जाता था।पूरा परिवार इस बात से बहुत दुखी और परेशान रहने लगा लड़के के माता-पिता ने कई तरह के उपाय किए, कई जगह मन्नतें मांगीं, लेकिन कोई फायदा नहीं हो रहा था।एक दिन परिवार के बुजुर्गों और सयाने लोगों ने सलाह दी कि, “शायद हम अपनी कुलदेवी को भूल गए हैं या हमसे उनकी पूजा-अर्चना में कोई चूक हुई है। जब तक कुलदेवी प्रसन्न नहीं होंगी, तब तक घर के मांगलिक कार्यों की बाधा दूर नहीं होगी।”इसके बाद, पूरे परिवार ने मिलकर अपनी कुलदेवी माता सत्यवती जी का ध्यान किया और उनसे अपनी भूलचूक के लिए क्षमा मांगी। माँ सत्यवती के सामने घी का दीपक जलाकर “हे माता सत्यवती! हमारे कुरुवंश/की लाज रखिए। यदि इस लड़के की शादी सकुशल संपन्न हो जाती है, तो हम पूरे परिवार के साथ आपके दर पर आकर जात (ढोक) लगाएंगे और विशेष पूजा-अर्चना करेंगे।”माता सत्यवती जी के चमत्कार से मन्नत मांगते ही कुछ ही दिनों में एक बहुत ही अच्छा और संस्कारी रिश्ता उस लड़के के लिए आया। देखते ही देखते बिना किसी बाधा के बहुत ही धूमधाम से उस लड़के की शादी पक्की हो गई और विवाह संपन्न हुआ।विवाह के बाद, 1 मई को अपनी मन्नत के अनुसार वह पूरा बड़ा परिवार (विग फैमिली) नवविवाहित जोड़े के साथ माता सत्यवती जी के धाम (मंदिर) पहुँचा। वहाँ उन्होंने माता रानी को चुनरी, श्रृंगार का सामान और प्रसाद चढ़ाया। माता सत्यवती जी की कृपा से उस घर में हमेशा के लिए खुशहाली आ गई और तब से उस परिवार में जब भी कोई शुभ या मांगलिक कार्य होता है, तो सबसे पहले माता सत्यवती जी का नाम लिया जाता है पूजा अर्चना की जाती है जय सत्यवती माता जी



















