
सुशील शंकर विग एडियटर इन चीफ की रिपोर्ट
आज जयपुर में CJP कार्यकर्ताओं को ग्रामीण लोगों द्वारा जिस तरह वापस भेजा गया, वह एक गंभीर संकेत है। केवल इस घटना के आधार पर यह कहना उचित नहीं होगा कि वे लोग किसी राजनीतिक दल से जुड़े थे, लेकिन इतना जरूर है कि ऐसी परिस्थितियाँ किसी भी संगठन के लिए चिंता का विषय हैं।
इसलिए CJP के कार्यकर्ताओं को चाहिए कि वे किसी क्षेत्र में खुद जाकर टकराव की स्थिति पैदा करने के बजाय स्थानीय लोगों के आमंत्रण पर वहाँ जाएँ। पहले स्थानीय लोगों से संपर्क करें, उनकी समस्याएँ समझें, तथ्य और प्रमाण जुटाएँ और फिर उन्हीं की भागीदारी से मुद्दों को सामने लाएँ।
इससे जनता का विश्वास भी बढ़ेगा, अनावश्यक विवाद भी कम होंगे और वास्तविक समस्याएँ मजबूती से सामने आएँगी।
और अगर इससे किसी राजनीतिक दल की कमियाँ सामने आती हैं और उसे अपनी गलतियाँ सुधारने का अवसर मिलता है, तो यह जनता के साथ-साथ उस दल के लिए भी एक तरह का उद्धार ही होगा।
CJP साथियों—जमीन से जुड़िए, लोगों को जोड़िए और लोगों की आवाज़ बनकर आगे बढ़िए।



















