
अशोक ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट *आखिर काली कमाई भेज दी गई।*
विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि बाड़मेर से रिलीव होकर जाने वाले अधिकारियों ने अपने करोड़ों रुपये पहले ही अपने विश्वस्त के साथ अन्यत्र भेज दिए थे।
यहां तक कहा जा रहा हैं कि अपनी गाड़ी की स्टेफनी का ट्यूब निकाल कर उसमें रोकड़ रुपये भर कर ले जाए गए है।
बड़े खेद के साथ कहना पड़ रहा है कि इस पूरे प्रकरण कि ACB बाड़मेर के एक सिपाही को जानकारी होने के बावजूद भी वो अपने उच्च अधिकारियों को गुमराह करता रहा वरना करोड़ों रु का कैश, ऑन स्पॉट बरामद किया जा सकता था।
क्या अब भी ACB बाड़मेर विभाग,अपने ऐसे सिपाही को डेप्युटेशन पर लेकर बैठे रहेंगे या पुन उसके मूल विभाग में भिजवाएंगे।
सूत्र, तो यहां तक बताते है कि उक्त महाशय समस्त विभागों के अधिकारियों से मिल का साहब के नाम से पैसा उगाही का काम करता है। इसलिए बड़े साहब भी इन्हें हटाने में इंटरेस्टेड नहीं है।
परन्तु ये यह भूल रहे हैं कि राजस्थान में माननीय मुख्यमंत्री महोदय श्री भजन लाल जी की सरकार है, जो भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है।
इसलिए उम्मीद है कि इन चुनावों से पूर्व इसे लोकसेवकों की पहचान कर अन्यत्र जिले में भेज कर इनके कृत्य , फोन, प्रॉपर्टी और अन्य जगहों पर किए गए इनवेस्मेंट की जांच करवा कर दूध का दूध और पानी का पानी करेंगे।



















