
वीना विग एडिटर की रिपोर्ट
लड़कियों को खासकर यह बात अपने दिमाग में परमानेंट लॉक कर लेनी चाहिए—कोई लड़का फोन पर कितनी भी मीठी बातें कर ले, कितनी भी कसमें खा ले कि “तुम ही मेरी अर्धांगिनी हो,” लेकिन जब तक समाज और कानून के सामने सात फेरे न हो जाएं, सिंदूर न पड़ जाए, तब तक कोई पति-पत्नी नहीं बन जाता।आज के इस डिजिटल दौर में वादे और कसमें सबसे घटिया और सस्ते दाम पर बिकते हैं।
होटलों के कमरों में मिलना बेहद ख़तरनाक स्थिति है।धोखा देने वाला तो एक झटके में मुंह मोड़कर कहीं और सेहरा बांध लेगा, लेकिन जिंदगी भर का ये कलंक, दर्द और तड़प सिर्फ आपको और आपके माता-पिता को भुगतनी पड़ती है।
और हां चरित्रहीन का टैग भी अभी तुम ही झेलो



















