
आरती ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट
आज के समय में जब हम किसी की सर्विस लेते हैं, तो कम से कम एक बुनियादी सम्मान की उम्मीद तो की ही जाती है। लेकिन सोशल मीडिया पर सामने आया यह मामला दिल दुखाने वाला है। एक महिला ने उबर ऑटो बुक किया और रास्ते में ड्राइवर को मनचाहे रास्ते (हाईवे) पर चलने का दबाव बनाया।
क्या हुआ मामला?
ड्राइवर का अनुशासन: एक जिम्मेदार ड्राइवर होने के नाते उसने ऐप के जीपीएस (GPS) रूट का पालन किया, जो कि नियमों के मुताबिक सही था।
बेतुकी नाराजगी: सही लोकेशन पर पहुँचने के बाद भी महिला केवल इसलिए नाराज हो गई कि ड्राइवर ने उसकी बात क्यों नहीं मानी।
अहंकार की पराकाष्ठा: किराया देने के बजाय महिला ने बदतमीजी से कहा— “अपने पैसे Uber से ले लेना” और बिना भुगतान किए वहां से चलती बनी।
समाज की आवाज:
आज पूरे सोशल मीडिया पर लोग इस गरीब ड्राइवर के हक में खड़े हो रहे हैं। किसी की मेहनत का पैसा न देना, वह भी सिर्फ इसलिए क्योंकि उसने अपना काम ईमानदारी से किया, यह साफ तौर पर संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है।
हम अक्सर शिकायत करते हैं कि सर्विस खराब है, लेकिन जब कोई ईमानदारी से काम करे, तो उसे तंग करना क्या सही है? इस महिला के इस घमंड और ड्राइवर के साथ हुए इस अन्याय पर आपकी क्या बेबाक राय है? क्या ऐसे यात्रियों पर उबर (Uber) को सख्त एक्शन नहीं लेना चाहिए?



















