
सुशील शंकर विग एडिटर इन चीफ की रिपोर्ट रेनू भाटिया का इस्तीफा अब-तक मंजूर ना होने का कारण जानिए हरियाणा के जिला कुरुक्षेत्र में लोकनायक जयप्रकाश नारायण हस्पताल में एक डॉक्टर द्वारा 15 साल की नाबालिग लड़की के साथ किए गए दुष्कर्म के बाद हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया हस्पताल में पहुंचकर नर्सिंग स्टाफ को जिस तरह से फटकार लगाई थी उसके बाद नर्सों ने हड़ताल शुरू कर दी थी और उनका कहना था कि रेनू भाटिया सार्वजनिक रूप से माफी मांगे और इसके बाद रेनू भाटिया ने यह कहते हुए इस्तीफा दे दिया था कि नर्सों की हड़ताल के कारण मरीजों को परेशानी ना आए इसलिए मैं अपने पद से इस्तीफा दे रही हूं परंतु मैंने कुछ ग़लत नहीं कहा इसलिए माफ़ी नहीं मागूंगी हां इस्तीफा दे रही हूं और इसके बाद उन्होंने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी को भेज दिया था और इस्तीफा देने के बाद भी उन्होंने कहा कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया, मैं तो एक पीड़ित बेटी को न्याय दिलाने के लिए वहां गई थीं , रेनू भाटिया के इस्तीफे के बाद नर्सों ने अपनी हड़ताल तो रोक दी है लेकिन अब वे रेनू भाटिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग पर अड़ गई है वहीं दूसरी तरफ रेनू भाटिया जी ने इस्तीफा तो भेज दिया था परन्तु अब तक मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी ने उनका इस्तीफा मंजूर करने की कोई अधिकारिक घोषणा नहीं की है और ना ही हरियाणा महिला आयोग की नई अध्यक्ष नियुक्त की गई है, आपको बता दें कि अगर उनका इस्तीफा मंजूर होगा तो यह बड़ा कारण रहेगा कि हरियाणा का पुरा नर्सिंग स्टाफ जिस तरह से लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहा हैं कि सरकार रेनू भाटिया को पद से हटाए और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करें नर्सें इस मांग पर अड़ी हुई है, जिससे सरकार पर इस्तीफा स्वीकार करने का दबाव आ सकता है इसलिए उनका इस्तीफा मंजूर किया जा सकता है वहीं दूसरी तरफ उनका इस्तीफा मंजूर ना करने के लिए हरियाणा की ज्यादातर जनता सोशल मीडिया के माध्यम से उनके पक्ष में खड़ी हो गई है, रेनू भाटिया का समर्थन करने वाले लोगों का कहना है कि उन्होंने एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए नर्सों से कड़े सवाल किए थे इसलिए वे लोग मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी से अनुरोध हैं कि उनका इस्तीफा मंजूर ना किया जाए और उन्हें ही हरियाणा महिला आयोग के अध्यक्ष पद पर बनाएं रखें, इसलिए इन दोनों स्थिति में सरकार सोच-समझकर आगे की कार्रवाई करेगी वैसे रेनू भाटिया ने खुद पत्र लिखकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से इस्तीफा स्वीकार करने का अनुरोध किया है, इसलिए सरकार इस विवाद को शांत करने के लिए रेनू भाटिया जी का इस्तीफा मंजूर कर सकती है, इस्तीफा मंजूर करने या ना करने के ये दो बड़े कारण है, वैसे अब फैसला सीएम साहब के हाथ में है कि वो रेनू भाटिया का इस्तीफा मंजूर करेंगे या नहीं परन्तु जब तक मुख्यमंत्री अंतिम निर्णय नहीं लेते, तब तक इस मामले की स्थिति स्पष्ट नहीं होगी वैसे दोस्तों आप सब पुरा मामला जानते ही हैं आपको क्या लगता है कि रेनू भाटिया जी का इस्तीफा मंजूर होगा या नहीं



















