
रश्मी शर्मा ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट
ये मुंबई के KEM हॉस्पिटल में MBBS की स्टूडेंट हैं
MBBS करिकुलम के हिस्से के तौर पर, स्टूडेंट्स को कैडेवरिक डाइसेक्शन करना होता है
इंस्टीट्यूशन्स को वॉलंटरी बॉडी डोनेशन प्रोग्राम और लावारिस बॉडीज़ से डे’ड बॉडीज़ मिलती हैं
MBBS स्टूडेंट्स ह्यूमन डाइसेक्शन शुरू करने से पहले एक खास शपथ लेते हैं,
जिसे फॉर्मली कैडेवरिक ओथ के नाम से जाना जाता है
इसका मकसद उन लोगों के प्रति नैतिक मूल्य, सहानुभूति और गहरा आभार पैदा करना है जिन्होंने साइंस के लिए अपनी बॉडीज़ डोनेट की हैं
सेजल पवार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ,
जिसमें उन्होंने मेडिकल शिक्षा के लिए दान में आए
डे’ड बॉडीज़ के डाइसेक्शन के दौरान, पुरुष शवों के private parts के आकार (Size) को लेकर मजाक उड़ा रही है
ये बेशर्म नही है
बेशर्म बस वो 370 वाला लडका था
कुछ दिनों से वो 370 की बिरयानी वाला वीडियो बहुत वायरल है,
जिसकी वजह से इधर कुछ महिलाएं तांडव पे उतर गई थी आजकल लोग एक सेलेक्टिव नैरेटिव के साथ उतर जाते हैं मैदान में बवाल करने,
हालांकि इस बात का समर्थन मैं भी नहीं करता कि कोई खुलेआम इस तरह से बातें करें चाहे वो महिलाओं के बारे में हो या पुरुषों के लिए…
एक न्यूज ये भी है कि उस महोदय को नौकरी से निकल दिया गया है
जो कि सही है या गलत ये निर्णय लेना मेरा काम नहीं है
ये मोहतरमा डाक्टर होते हुए
एक म’रे हुए पुरुष के प्राइवेट पार्ट्स के साइज़ के बारे में बात कर रही है,
मेरी फ्रेंड लिस्ट में शामिल एक भाई साहब ने मेरा ध्यान इस ओर खींचा कि महिलाओं को सज़ा नहीं मिलती इस बात पर,
ज़ाहिर है महिलाएँ ऐसी महिलाओं का समर्थन करती हैं
और ऐसी ही बेवकूफ़ी भरी बातों का भी,
यह सब इसलिए क्योंकि वो इस बात से खुश है कि जिस आदमी ने 370/- वाली बिरयानी का मज़ाक उड़ाया था,
उसकी नौकरी चली गई,साफ़-साफ़ कहूँ तो,
मुझे कोई फ़र्क नहीं पड़ेगा अगर इन दोनों लोगों की ज़िंदगी में सब कुछ छिन जाए…
बिल्कुल सड़क पर आना चाहिए ऐसी मानसिकता वालो को …!
घृणा होती है इनसे …!



















