
“संदीप सबरवल ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट
“”#हसमत हुसैन” की यूनिवर्सिटी में क्लर्क की नौकरी..
थोड़े बहुत पढ़े लिखे, और हरकतें किसी लालची
अनपढ़ महिलाओं जैसी..
मतलब सुनकर हंसी आ जाए….
ये ऊंचे पजामे वालों में से एक, जिनको सरकारी
नौकरी मिल गई थी फिर भी जो कांड किया…
उससे तो लॉरेंस बिश्नोई जेल में बंद होने पर भी
ठहाके लगा कर हंस पड़े…
इन पाई जान ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई बताकर
आठ अमीर लोगों को टारगेट कर स्पीड पोस्ट से
लेटर भेजे..
साथ ही अपना QR कोड भेजा और लिखा-
अगर
जान प्यारी है तो 50 लाख रुपये भेज दो, तुरंत..
मैं कोई क्लर्क नहीं हूं मैं ही हूं लॉरेंस बिश्नोई..
नहीं भेजे तो तुमको अल्ला की कसम कोई
नहीं बचा सकता……?
अब जिनको लेटर मिला वो डरने के बजाय,
सोचने पर मजबूर हो गए कि ये हूं तिया है कौन…?
ये पूरा मामला अलीगढ़ का है…अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में हसमत हुसैन क्लर्क हैं…
अच्छी खासी तनख्वाह, सही ज़िन्दगी चल रही थी,
फिर इन्हें पता नहीं क्यों ज्यादा पैसा कमाने के लिए खुराफात सूझी..??
जैसे इनके कौम में लोगों को पड़ी लकड़ी खड़ी कर
उसपे बैठने की आदत बन चुकी है..
अलीगढ़ शहर के एक बड़े सुनार सहित आठ अमीर
लोगों को स्पीड पोस्ट से पत्र भेजे…
पत्रों में खुद को लॉरेंस बिश्नोई बताया और इनमें
अपना QR कोड भी रख दिया…।
हसमत ने इन सभी से 50 लाख रुपये की रंगदारी
मांगी… लोगों को शक क्या यकीन हो गया था कि
ये लॉरेंस क्या उसका आदमी भी नहीं हो सकता…
अतः वो बिना डरे बात पुलिस तक ले गए और
क्लर्क बाबू जी धर लिए गए…
अब पुलिस के सामने मुंह लटकाए खड़े हैं…



















