
सुशील शंकर विग एडिटर इन चीफ की रिपोर्ट कल पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शिवेंदु अधिकारी मिथुन चक्रवर्ती के घर जाकर आभार व्यक्ति किया और उन्होंने कहा कि वह मिथुन चक्रवर्ती की मेहनत की वजह से मुख्यमंत्री बने हैं..!
जी हां ऐसे माहौल में जब ममता बनर्जी की हिटलर की सरकार तमाम भाजपा नेताओं पर जुल्म किया जैसे बाबुल सुप्रियो पर हमला हुआ और मात्र दो हमले में बाबुल सुप्रियो इतना डर गए कि भाजपा छोड़कर वह ममता बनर्जी की पार्टी में शामिल हो गए,
ऐसे ही मिथुन चक्रवर्ती पर भी बंगाल में चार बार हमला हुआ लेकिन मिथुन चक्रवर्ती डरे नहीं डटे रहे लड़ते रहे!
बंगाल में बदलाव के लिए खुद को समर्पित कर दिया और 2021 से लगातार मिथुन चक्रवर्ती बंगाल में ही रह रहे थे,
और वहां जमीन पर उतरकर लगातार ममता बनर्जी की सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहे थे,
ममता बनर्जी ने खुलेआम मिथुन चक्रवर्ती को कैबिनेट मंत्री की पेशकश किया था लेकिन ममता बनर्जी यह लालच में मिथुन चक्रवर्ती को डिगा नहीं सकी।
और शिवेंदु अधिकारी का यह कहना कि वह मिथुन चक्रवर्ती की मेहनत से मुख्यमंत्री बने हैं,
यह काफी हद तक सही है..!
वैसे यह परंपरा अभी तक बीजेपी में ही देखने को मिलती है कि किसी कार्यकर्ता किसी नेता की मेहनत पर उसका शुक्रिया अदा करना वरना कांग्रेस में तो मतलब निकालने के बाद पिछवाड़े पर लात मार दी जाती है..!



















