
आरती ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट
मध्यप्रदेश: ग्वालियर के एक ठेकेदार को फेसबुक पर विदेशी महिला से दोस्ती करना उस वक्त महंगा पड़ गया, जब ‘इश्क और लालच’ के चक्कर में उनके बैंक खाते से 1.23 लाख रुपये साफ हो गए। झांसी रोड थाना क्षेत्र के हरीशंकरपुरम में रहने वाले 28 वर्षीय कमलकांत यादव की मुलाकात 24 अप्रैल को फेसबुक पर ‘लकी चार्ल्स’ नाम की एक प्रोफाइल से हुई थी। जल्द ही बातचीत व्हाट्सएप तक पहुंच गई, जहां महिला ने खुद को लंदन की डॉक्टर ‘पेट्रीशिया आर मेडिसन’ बताया। शातिर ठग ने जाल बुनते हुए कहा कि वह भारत घूमने आ रही है और अपने साथ 95 हजार ब्रिटिश पाउंड (करीब ₹1.22 करोड़) लेकर आएगी।
करोड़ों की रकम और विदेशी महिला के साथ घूमने के सुनहरे सपने ने कमलकांत को सोचने-समझने का मौका नहीं दिया। खेल तब शुरू हुआ जब 27 अप्रैल को खुद को मुंबई एयरपोर्ट का कर्मचारी बताने वाली एक अन्य महिला का फोन आया। उसने दावा किया कि कमलकांत के नाम पर भारी विदेशी करेंसी आई है, जिसे रिलीज करने के लिए रजिस्ट्रेशन फीस भरनी होगी। झांसे में आए ठेकेदार ने पहले 38,500 रुपये जमा किए, फिर लॉन्ड्री चार्ज और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 88,600 रुपये और ट्रांसफर कर दिए। सवा लाख रुपये ऐंठने के बाद जब ठगों ने 70 हजार रुपये की और मांग की, तब जाकर कमलकांत की नींद खुली और उन्हें ठगी का एहसास हुआ।
धोखाधड़ी का पता चलते ही पीड़ित ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर गुहार लगाई। पुलिस ने इस मामले में ई-जीरो एफआईआर दर्ज कर अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। थाना प्रभारी शक्ति सिंह यादव के मुताबिक, यह गिरोह अक्सर सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान बनाकर लोगों को करेंसी एक्सचेंज और महंगे गिफ्ट्स का लालच देकर शिकार बनाता है। फिलहाल पुलिस उन बैंक खातों की कुंडली खंगाल रही है, जिनमें ठगी की राशि ट्रांसफर की गई थी।



















