
अशोक ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट इटावा- सपनों को साकार करने निकला एक नवयुवक दंपति रविवार रात दर्दनाक सड़क हादसे का शिकार हो गया। होमगार्ड भर्ती परीक्षा देने जा रहे पति पत्नी की मौत से पूरे गांव में मातम छा गया। दोनों की एक साथ अर्थी उठने का दृश्य देख हर आंख नम हो गई, जबकि डेढ़ साल की मासूम बेटी के सिर से माता-पिता का साया उठ गया।
थाना #बकेवर क्षेत्र के #खितौरा गांव निवासी दीपक यादव उर्फ शेरू 25 पुत्र अमरेश यादव अपनी पत्नी अनामिका 25 के साथ बाइक से इटावा जा रहे थे। योजना थी कि रात ससुराल में रुककर सोमवार सुबह आगरा में होने वाली होमगार्ड भर्ती परीक्षा में शामिल होंगे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
#भरथना क्षेत्र में सेंगर नदी के पास सामने से आ रही कार ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि अनामिका की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल दीपक यादव ने उपचार के दौरान सोमवार को दम तोड़ दिया।
तीन वर्ष पूर्व प्रेम विवाह कर साथ जीने-मरने की कसमें खाने वाला यह जोड़ा अब हमेशा के लिए जुदा हो गया। पीछे उनकी डेढ़ साल की मासूम बेटी राधिका रह गई, जो अब माता-पिता के स्नेह से वंचित हो गई है।
#दीपक_यादव तीन भाइयों में सबसे बड़े थे और #दिल्ली में एक निजी कंपनी में कार्यरत थे। वह #होमगार्ड भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए ही घर आए थे। परिजनों को क्या पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा।
सोमवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही दोनों के शव गांव पहुंचे, परिजनों में कोहराम मच गया। मां सीता देवी, पिता अमरेश यादव और भाइयों सत्यम व शिवम का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतक के जीजा राजीव कुमार ने बताया कि दीपक अपनी पत्नी के साथ इटावा जा रहे थे, तभी रास्ते में हादसा हो गया। समाजसेवी ध्यान सिंह व पूर्व प्रधान सुनील यादव ने कहा कि गांव में पहली बार ऐसा दर्दनाक दृश्य देखने को मिला, जब पति-पत्नी की एक साथ अर्थी उठी। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है और हर कोई गमगीन है।



















