
संदीप सबरवल ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट हरिद्वार की गलियों में जब भी ज़ायके की तलाश आपको बड़ा बाज़ार की तरफ ले जाए, तो एक जगह ज़रूर याद रखिए—बिल्लू भाई के परांठे।
यहाँ तवे पर सिकते परांठों की खुशबू कुछ ऐसी है, जैसे हर कौर में घर का अपनापन घुला हो… घी की हल्की सी परत, कुरकुरे किनारे और अंदर से नरम भरावन—हर बाइट अपने आप में मुकम्मल।
पहला कौर लेते ही समझ आ जाता है कि क्यों लोग यहाँ बार-बार लौट आते हैं…



















