
सालासर मंदिर मारपीट मामले में कन्हैया मित्तल की मध्यस्थता: कहा- ‘मैं साथ चलूंगा’, पीड़ित परिवार ने अभी नहीं लिया फैसला
अतुल ब्यूरो चीफ की कलम से सालासर धाम मंदिर में हिसार के एक श्रद्धालु परिवार के साथ हुई मारपीट का मामला लगातार गर्माता जा रहा है। इस घटना के विरोध में किसान सभा ने सुजानगढ़ में एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन भी किया है।
कन्हैया मित्तल की पहल: प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल इस विवाद को सुलझाने के लिए बीच में आए हैं। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और प्रस्ताव रखा कि वे खुद उनके साथ सालासर चलेंगे ताकि मामले का सम्मानजनक समाधान निकाला जा सके।
पुजारी समाज का बचाव: मित्तल ने कहा कि सालासर धाम से लगभग 400 परिवार जुड़े हैं। किसी एक बाउंसर की गलती के लिए पूरे पुजारी समाज को ‘गुंडा’ कहना या बदनाम करना गलत है। उन्होंने मांग की कि जिसने गलती की है, जिम्मेदारी उसी की तय होनी चाहिए।
वीआईपी दर्शन पर राय: वीआईपी दर्शन व्यवस्था का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था देश के कई बड़े मंदिरों में है, तो सिर्फ सालासर या खाटू श्याम को ही निशाना क्यों बनाया जा रहा है?
परिवार का रुख: कन्हैया मित्तल के साथ जाने के प्रस्ताव पर पीड़ित परिवार ने फिलहाल कोई स्पष्ट फैसला नहीं लिया है। उनका कहना है कि वे अभी इस पर विचार कर रहे हैं।



















