October 28, 2026 7:04 pm

Category: अंतर्राष्ट्रीय

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अजीत डोवाल, जिन्हें अक्सर “भारत का जेम्स बॉन्ड” कहा जाता है, खुफिया और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में अपने लंबे और घटनापूर्ण करियर के लिए जाने जाते हैं। व्यापक रूप से प्रचलित कहानियों के अनुसार, 1980

कल्पना कीजिए, एक परिवार अपने किसी अपने की जान बचाने के लिए अस्पताल के बाहर खड़ा है, और अंदर से डॉक्टर सिर्फ़ ‘रिपोर्ट’ नहीं, बल्कि ‘लाखों का बिल’ थमा देता है। राज्यसभा में राघव चड्ढा ने आज उसी कड़वे सच पर चोट की है प्राइवेट अस्पतालों की चकाचौंध के पीछे एक ऐसी हकीकत छिपी है, जहाँ इलाज बाद में शुरू होता है और घर की जमा-पूंजी पहले खत्म हो

न्यूयॉर्क सिटी पुलिस की कैप्टन सारा जॉनसन टैक्सी से घर जा रही थीं। ड्राइवर को ज़रा भी अंदाज़ा नहीं था कि उसकी गाड़ी में बैठी यह महिला कोई साधारण सवारी नहीं, बल्कि उच्च पद पर तैनात पुलिस कैप्टन है।