भाई साहब, ये बात है एकदम ताजी। इंग्लैंड से एक मैडम आईं—नाम था अलेक्जेंड्रा। जेएनयू से हिंदी का क्रैश कोर्स करके आई थीं, तो उनको घमंड था कि वो इंडिया को घोट के पी चुकी हैं। हाथ में आईफोन, आँखों पर काला चश्मा और पैर में वो सफेद वाला बूट। आते ही अस्सी घाट पर पप्पू की दुकान के सामने खड़ी हुईं और अपनी नकली हिंदी में बोलीं, “
वेनीता ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट इंग्लैंड से एक मैडम आईं—नाम था अलेक्जेंड्रा। जेएनयू से हिंदी का क्रैश कोर्स करके आई थीं, तो उनको घमंड था कि वो इंडिया को घोट के पी चुकी हैं। हाथ में आईफोन, आँखों पर काला चश्मा और पैर में वो सफेद वाला बूट। आते ही अस्सी घाट पर पप्पू की … Read more
