October 26, 2026 6:15 am

चोर की भक्ति: जब नीयत बदली, तो नियति बदल गई!

  वीना विग कि कलम से गाँव की चौपाल पर शाम ढल रही थी। मृदंग की थाप और झांझ की झंकार के बीच भागवत कथा वाचक पंडित जी कन्हैया के रूप का बड़ा ही मनमोहक चित्रण कर रहे थे। उन्होंने वर्णन किया— “मेरे सांवरिया के गले में वैजयंती माला है, कानों में मकराकृत कुंडल झिलमिला … Read more

“अभी ट्रेन से उतरो! बिना टिकट के यहाँ कोई सपना पूरा नहीं होता!” सुरक्षाकर्मी की आवाज़ ने अभय को झकझो

“अभी ट्रेन से उतरो! बिना टिकट के यहाँ कोई सपना पूरा नहीं होता!” सुरक्षाकर्मी की आवाज़ ने अभय को झकझोर दिया। बिहार के इस गरीब लड़के ने अपनी फटी झोली में चमत्कार ढूँढा, पर टिकट और माँ के गहने बेचकर मिले पैसे चोरी हो चुके थे। सामने टीटी रिया चौहान खड़ी थीं, जिनकी नज़र अभय … Read more

मेरे ससुर के पास कोई पेंशन नहीं थी। मैंने उनके लिए पूरे दिल से बारह साल तक देखभाल की।

मेरे ससुर के पास कोई पेंशन नहीं थी। मैंने उनके लिए पूरे दिल से बारह साल तक देखभाल की। उनकी आखिरी साँस पर, उन्होंने मुझे एक फटा हुआ तकिया थमाया और धीरे से कहा: “माया के लिए…” जब मैंने तकिया खोला, तो मैं अपनी आँसुओं को रोक नहीं पाई… मेरा नाम माया है। मैं 26 … Read more