*दरबार साहिब अमृतसर में लंगर छकते समय सामने एक व्यक्ति लंगर छक रहा था तथा आँखों से बहते आँसू भी पोंछता जा रहा था।मैं देख के हैरान था कि वह ऐसा क्यों कर रहा है। लंगर छकने के बाद मुझसे रहा नहीं गया, बाहर निकलते ही मैंने उसे रोक कर पूँछ ही लिया कि वह ऐसा क्यों कर रहा था?उसने दोनों हाथ जोड़ लिये और बोला सरदार जी आप के गुरू महान हैं
रंजू चबारा ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट*दरबार साहिब अमृतसर में लंगर छकते समय सामने एक व्यक्ति लंगर छक रहा था तथा आँखों से बहते आँसू भी पोंछता जा रहा था।मैं देख के हैरान था कि वह ऐसा क्यों कर रहा है। लंगर छकने के बाद मुझसे रहा नहीं गया, बाहर निकलते ही मैंने उसे रोक कर … Read more
