टिकट दिखाइए!ट्रेन छूट रही थी, बच्चे स्टेशन पर रो रहे थे। जल्दबाज़ी में चढ़ गई, टिकट लेने का वक़्त ही नहीं मिला… और पैसे भी…उसकी आवाज़ डर से टूट रही थी। उसे लगा कि अब अगले ही स्टेशन पर उन्हें ज़लील करके उतार दिया जाएगा।
टिकट दिखाइए!ट्रेन छूट रही थी, बच्चे स्टेशन पर रो रहे थे। जल्दबाज़ी में चढ़ गई, टिकट लेने का वक़्त ही नहीं मिला… और पैसे भी…उसकी आवाज़ डर से टूट रही थी। उसे लगा कि अब अगले ही स्टेशन पर उन्हें ज़लील करके उतार दिया जाएगा। ट्रेन का जनरल डिब्बा खचाखच भरा हुआ था। तभी एक … Read more
