ऑकलैंड के ईडन पार्क में आज वही हुआ जिसका इंतज़ार करोड़ों क्रिकेट फैंस किंग कोहली से कर रहे थे—चेज़ मास्टर विराट कोहली ने अपने 38वें जन्मदिन की पूर्व संध्या पर एक बार फिर दुनिया को दिखा दिया कि उन्हें यूं ही क्रिकेट का ‘किंग’ नहीं कहा जाता! भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए पहले वनडे मुकाबले में कीवियों ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 40.2 ओवर में 185 रन बनाए, जहां भारतीय तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज (2/22) और अर्शदीप सिंह (4 विकेट) ने शानदार गेंदबाजी की। लेकिन असली ड्रामा तब शुरू हुआ जब 186 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया का खाता भी नहीं खुला था और रोहित शर्मा पहले ही ओवर में शून्य पर चलते बने। ऐसे नाज़ुक मोड़ पर क्रीज पर उतरे विराट कोहली, और फिर बारिश के खलल के बीच डकवर्थ-लुईस (DLS) नियम से 31 ओवर में मिले 143 रनों के संशोधित टारगेट को कोहली ने अपने बल्ले के दम पर बच्चों का खेल बना दिया! कोहली ने महज 35 गेंदों में अपनी 80वीं वनडे फिफ्टी पूरी की और 51 गेंदों पर 12 चौकों व 1 छक्के की मदद से 74 रनों की आतिशी पारी खेलकर भारत को 22.4 ओवर में 5 विकेट से धमाकेदार जीत दिला दी। लेकिन इस चमचमाती पारी के बीच सोशल मीडिया पर फैंस का गुस्सा एक बार फिर हेड कोच गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट पर फूट पड़ा है। फैंस का सीधा तंज है कि अगर तथाकथित युवा बदलाव और ड्रेसिंग रूम की अंदरूनी राजनीति के नाम पर विराट कोहली को बाकी फॉर्मेट्स से किनारे न किया गया होता, तो आज कोहली सचिन तेंदुलकर के 100 अंतरराष्ट्रीय शतकों के रिकॉर्ड को बहुत पहले पीछे छोड़ चुके होते। जब भी टीम पर संकट के बादल मंडराते हैं, अनुभवहीन मिडिल ऑर्डर की टांगें कांपने लगती हैं और आखिर में आकर उसी 37-38 साल के विंटेज कोहली को ही मोर्चा संभालना पड़ता है—जो यह साबित करने के लिए काफी है कि फॉर्म भले ही कभी-कभार रूठ जाए, लेकिन कोहली की क्लास और चेज़ करने की भूख आज भी दुनिया के किसी भी बल्लेबाज से मीलों आगे है!
संदीप सबरवल ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट ऑकलैंड के ईडन पार्क में आज वही हुआ जिसका इंतज़ार करोड़ों क्रिकेट फैंस किंग कोहली से कर रहे थे—चेज़ मास्टर विराट कोहली ने अपने 38वें जन्मदिन की पूर्व संध्या पर एक बार फिर दुनिया को दिखा दिया कि उन्हें यूं ही क्रिकेट का ‘किंग’ नहीं कहा जाता! भारत और … Read more
