*शायद धर्मों की असली परीक्षा यह नहीं कि हम किस ईश्वर को मानते हैं, कौन-सी पवित्र किताब पढ़ते हैं या कौन-सी प्रार्थना के स्वर में दिन शुरू करते हैं। सवाल कहीं अधिक सरल है,
सुनील शर्मा ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट शायद धर्मों की असली परीक्षा यह नहीं कि हम किस ईश्वर को मानते हैं, कौन-सी पवित्र किताब पढ़ते हैं या कौन-सी प्रार्थना के स्वर में दिन शुरू करते हैं। सवाल कहीं अधिक सरल है, और इसी सरलता में कहीं अधिक कठिन भी—क्या हमारे होने से किसी दूसरे इंसान की … Read more
