हमने गलत प्रोफेशन (पत्रकारिता) चुन लिया. कभी-कभी लगता है जैसे ख़ुद को बर्बाद कर रहे हैं. हमारे फैमिली स्टेटस के हिसाब से यह सही नहीं है. क्षेत्रीय मुद्दों पर पत्रकारिता करने में न पैसा है न इज्जत. ऊपर से बदनामी मुफ़्त में मिलती है. पहले तो इस बात को रत्ती भर भी नहीं मानते थे, सोचते थे पैसे का क्या ही क
संदीप सबरवल ब्यूरो चीफ के कलम से हमने गलत प्रोफेशन (पत्रकारिता) चुन लिया. कभी-कभी लगता है जैसे ख़ुद को बर्बाद कर रहे हैं. हमारे फैमिली स्टेटस के हिसाब से यह सही नहीं है. क्षेत्रीय मुद्दों पर पत्रकारिता करने में न पैसा है न इज्जत. ऊपर से बदनामी मुफ़्त में मिलती है. पहले तो इस बात … Read more
