October 25, 2026 9:39 pm

Category: बिज़नेस

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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस की हिरासत से रिहा कर दिया गया है। विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत ने शांति बनाए रखने के लिए बॉन्ड भरवाने के बाद उन्हें रिहा करने का आदेश दिया। कनॉट प्लेस में ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन का आह्वान करने के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें एहतियातन हिरासत में लिया था। रिहाई के बाद दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने शाहरुख खान की फिल्म ‘वीर-जारा’ का एक सीन पोस्ट करते हुए लिखा कि बिना वाई-फाई और फोन के 24 घंटे जेल में बिताने के बाद बाहर आने पर कैसा महसूस होता है। फिल्म में शाहरुख खान का किरदार लंबे समय तक पाकिस्तानी जेल में रहने के बाद बाहर आता है। दीपके को शुक्रवार को उस समय हिरासत में लिया गया था, जब वह कनॉट प्लेस पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, उनके खिलाफ शांति भंग करने की आशंका के चलते भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 126 और 170 के तहत कार्रवाई की गई। शनिवार को अदालत में पेश किए जाने के बाद उन्हें शर्तों के साथ रिहा कर दिया गया। CJP के दो अन्य नेता सौरभ दास और आशुतोष रांका पहल

My Vision:-I aspire to contribute to a public-interest political think tank that helps shape policies and political thinking around one core principle — Nation First. My purpose is to encourage political leadership to promote national unity, responsible patriotism, social harmony, good governance and long-term national security, so that politics becomes a means of strengthening society rather than dividing it. With over 30 years of experience in governance, administration, public policy, strategic risk and institutional affairs, I wish to contribute my experience and ideas to any credible initiative working towards a strong, united and responsible India. My ambition is not merely to participate in politics, but to contribute to the thinking that can strengthen the nation. .

अभिजीत दीपके के दोस्त ने कैमरे पर खोला राज! जानिए CJP और आंदोलन से जुड़ा क्या बड़ा खुलासा किया? कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को लेकर चल रहे विवादों और चर्चाओं के बीच उनके करीबी दोस्त/सहयोगी ने ‘आज तक / दिल्ली तक’ के कैमरे पर कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आंदोलन की पृष्ठभूमि, अंदरूनी रणनीति, फंडिंग से जुड़े आरो

ये नई दिल्ली केनरा बैंक है जहां एक व्यक्ति अपना पैसा जमा करने आया था पर मशीन में इसको कुछ पता नहीं चल रहा था और इसका बड़ा अमाउंट था इसलिए वो इस स्टाफ के पास जाता है तो स्टाफ बोलता है मशीन से कर लो पर व्यक्ति को मशीन समझ ही नहीं आ रहा था और पैसे भी बहुत ज्यादा थे इसलिए बोला वो कि अगर पैसे फंस गए तब क्या होगा तब भी