बेटियों, खुद को पहचान लेना – एक पिता तुल्य लेखक का आह्वान इश्क के मीठे जाल में कभी भटक मत जाना, पल भर की चमक के लिए अपने संस्कार भूल मत जाना। जो आज कहे तुम ही मेरी दुनिया हो, कल मुकर जाएगा, ऐसे झूठे सवेरे में अपनी शाम मत गँवाना। आज की इस पावन सुबह में मेरी कलम उन समस्त युवा
राश्मि शर्मा ब्यूरो चीफ की कलम से बेटियों, खुद को पहचान लेना – एक पिता तुल्य लेखक का आह्वान इश्क के मीठे जाल में कभी भटक मत जाना, पल भर की चमक के लिए अपने संस्कार भूल मत जाना। जो आज कहे तुम ही मेरी दुनिया हो, कल मुकर जाएगा, ऐसे झूठे सवेरे में अपनी … Read more
