मनुष्य का सबसे बड़ा बंधन लोहे की जंजीरें नहीं, बल्कि उसके भीतर बैठे हुए भ्रम, भय और सामाजिक धारणाएँ होती हैं। यही कारण है कि अनेक लोग बाहर से स्वतंत्र दिखाई देते हैं, पर भीतर से पूरी तरह कैद होते है
सुनील शर्मा बेआवार ब्यूरो चीफ के कलम से मनुष्य का सबसे बड़ा बंधन लोहे की जंजीरें नहीं, बल्कि उसके भीतर बैठे हुए भ्रम, भय और सामाजिक धारणाएँ होती हैं। यही कारण है कि अनेक लोग बाहर से स्वतंत्र दिखाई देते हैं, पर भीतर से पूरी तरह कैद होते हैं। वे उन अदृश्य दीवारों के भीतर … Read more
